बालोद। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 27.04.2025 को सूचना मिली कि उमरादाह व झलमला बालोद में रात्रि को अज्ञात चोर द्वारा 02 प्रार्थी के घर के बाहर लगे बंद ताला को तोड़कर मकान में प्रवेश कर घर में रखे आलमारी से सोने-चांदी के जेवरात सहित नगदी रकम चोरी कर ले गया है कि सूचना पर एसडीओपी बालोद श्री देवांश सिंह राठौर व थाना प्रभारी बालोद श्री रविशंकर पाण्डेय के द्वारा घटना स्थल पहुंचकर घटना का निरीक्षण कर वरिष्ठ अधिकारियो को अवगत कराकर उक्त चोरी के अज्ञात आरोपी के पतासाजी हेतु थाना बालोद व साइबर सेल से विशेष टीम बनाकर लगाया गया। साथ ही घटना स्थल में डाग स्क्वाड को बुलाया गया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बालोद में 1.अपराध क्रमांक 179/2025 धारा 331(4), 305, 62 बीएनएस 2.अपराध क्रमांक 180/2025 धारा 331(4), 305, बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग श्री राम गोपाल गर्ग (भा0पु0से0) के मार्गदर्षन में पुलिस अधीक्षक बालोद श्री योगेश कुमार पटेल (भा0पु0से0) के निर्देषन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के पर्यवेक्षण में व एसडीओपी बालोद श्री देवांष सिंह राठौर के नेतृत्व में थाना प्रभारी श्री रवि शंकर पाण्डेय के नेतृत्व में चोरी के प्रकरण में आरोपियों के पतासाजी हेतु सायबर सेल बालोद व थाना बालोद से विशेष टीम गठित कर अज्ञात आरोपियों के संबध्ंा में पतासाजी हेतु त्रिनयन एप के माध्यम से बालोद क्षेत्र पर लगे व आपपास के सीसीटीवी कैमरा फुटेज को प्राप्त कर टीम द्वारा बारीकी से एनालिसिस करने पर 03 संदिग्ध व्यक्ति व मोटरसायकल की जानकारी प्राप्त हुई जिसे टीम द्वारा चिन्हांकित किया गया सीसीटीवी फुटेज को प्राप्त करते हुए टीम बालोद से दुर्ग रोड़, गुण्डरदेही, अर्जुन्दा होते हुए राजनांदगाव पर लगे सैकड़ो सीसीटीवी कैमरों का फुटेज को प्राप्त कर एनालिसिस किया गया साथ ही तकनीकी टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य के आधार पर कार्य किया गया। टीम द्वारा रात दिन राजनांदगांव के आसपास कैम्प कर संदिग्ध मोटरसायकल की पहचान करने का प्रयास किया गया जिसमें मोटरयायकल का नम्बर प्लेट फर्जी होना पाया गया। तीनो संदेही भी गमछा से चेहरे को बांध कर रखे थे जिससे उन सभी का चेहरा स्पष्ट नही हो पा रहा था। तकनीकी साक्ष्य के आधार पर 02 टीम बनाया गया। जिसमें एक टीम निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में आरांेपी के केरल में होने की सूचना पर केरल रवाना किया गया। दूसरी टीम एसडीओपी बालोद के नेतृत्व में राजनांदगांव जाकर सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों के संबध मे पतासाजी कर रही थी। इसी दौरान 01 सीसीटीवी फुटेज में 01 आरोपी का चेहरा स्पष्ट दिखा। जिसकी पहचान राजनांदगांव निवासी आरोपी आरिफ खान उर्फ राजा खान के रूप में हुई। आरिफ खान से पूछताछ करने पर वह बताया की वे अपने साथी अनवर खान निवासी नेवई जिला दुर्ग, राजू मेश्राम के साथ मिलकर घटना के दिन राजनांदगांव से चोरी की मोटर सायकल में तीनो बालोद आये थे रेकी करके रात्रि में चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। एक टीम भिलाई नेवई से अनवर खान को पकड़कर बालोद लाई। केरल गईं टीम को पता चला कि राजू मेश्राम अपनी परिवार के साथ गोवा चला गया है तत्काल टीम गोवा के लिए रवाना हुआ। जहां पतासाजी करने पर गोवा में कई ठिकानों में दबिस देकर पकड़ने में सफलता मिली। आरिफ खान व अनवर खान संे पूछताछ पर चोरी के जेवरात को नथमल सोनी को देना बताया। टीम द्वारा नथमल सोनी निवासी राजनांदगांव को पकड़कर बालोद लाया गया। आरोपियो द्वारा पूर्व में बालोद जिला के थाना बालोद ,देवरी, अर्जुन्दा, गुण्डरदेही के कई सूने मकानो में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इसके अलावा अन्य जिला दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा में भी कई चोरी की घटनांए किये है। आरोपियों द्वारा बालोद जिले के 13 एवं सरहदी जिले के 05 कुल 18 अपराध को अंजाम देना स्वीकार करने पर विधिवत् गिरफ्तार कर धारा 331(4), 305, 112, 317(4), 238, 62 बीएनएस लगाकर न्यायालय पेश किया गया। आरोपियों की जेल में हुई थी जान-पहचान व बनायी चोरी की योजना- अनवर खान सोने चांदी के जेवरात चोरी के प्रकरण में राजनांदगांव जेल गया था, उसी समय राजनांदगावं जेल में आरिफ खान उर्फ राजा खान निवासी शांतिनगर राजनांदगांव जो धन व सायकल चोरी के मामले में जेल गया था से जान-पहचान हुआ था। माह मार्च वर्ष 2024 में राजनांदगांव न्यायालय में पेशी पर राजा खान से मुलाकात हुआ था तब राजा खान, अनवर खान से कहा कि आर्थिक स्थित बहुत खराब है, मिलकर चोरी का काम करतें है। इस पर अनवर खान जो आलमारी का लाक तोड़ने में उस्ताद है, राजा खान जो बाहर दरवाजा लगा ताला तोड़ने में, रेकी करने, चोरी कर भागने के लिए रास्ता बनाने व मोटरसायकल की वायर को निकालकर डायरेक्ट कर चालू करने में उस्ताद है। दोनो मिलकर गैंग बनाये और इस गैंग में शांतिनगर के राजू मेश्राम जो बाईक चलाने में उस्ताद है और सन्नी निमजे जो बाईक उठाने में उस्ताद है उसे भी अपनेे गैंग के संबंध में बताकर आरिफ खान उर्फ राजा खान ने शामिल कर लिया व चोरी की घटनाओं में संलिप्त हो गये एवं राजनांदगावं के लोकल सोना व्यापारी नथमल सोनी को माल खपाने में अपने गैंग में शामिल किये। आरोपियों द्वारा तरिका ए वारदात- आरोपियो के द्वारा अपने निवास से दूसरे जिले जाकर मोटरसायकल चोरी करते है फिर मोटरसायकल के नम्बर प्लेट का नम्बर बदलते है और शीट के नीचे 02-03 नम्बर प्लेट रखे रहते है चोरी के बाद नम्बर प्लेट को बदल देते थे।
आरोपीगणों द्वारा सुनियोजित प्लान कर बाईक से आउटर एरिया निकलते थे एवं शहर के आउटर कॉलोनी या सूने मकान के घरो की रेकी करते थे। घटना को अंजाम देने के लिए ताला लगे सूने मकानो का घूमघूम कर दिन में रेकी करते है फिर रात्रि को वापस आकर उस मकान के बंद ताला को तोड़ कर घर मे रखे नगदी रकम व सोने, चांदी के जेवरात को चोरी कर फरार हो जाते है। नगदी रकम को खाने, पीने एवं अपने दैनिक खर्च में उपयोग करते है। और सोने व चांदी के जेवरात को एक व्यक्ति नथमल सोनी निवासी राजनांदगांव को जेवरात बेचने संपर्क करते थे। बाजार मूल्य से कम कीमत पर वह सामान बेच कर पैसा आरोपी को देकर आपस में बांट लेते थे।
उक्त प्रकरण में आरोपियों के पतासाजी, गिरफ्तारी व सामान बरामदगी में विषेष भूमिकाः-
एसडीओपी बालोद श्री देवांश सिंह राठौर, थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक श्री रविशंकर पाण्डेय, उ0नि श्रीमती कमला यादव, स0उ0नि धरम भूआर्य, सउनि रामप्रसाद गजभिये, प्रधान आरक्षक दूर्योधन यादव, आकाश दुबे, संजय सोनी, मोहन कोकिला, बनवाली साहू, सुमित पटेल।
सायबर सेल टीम -प्रभारी उपनिरीक्षक श्री जोगेन्द्र साहू, प्रधान आरक्षक भुनेश्वर मरकाम, रूमलाल चुरेन्द्र, विवेक शाही, आरक्षक विपिन गुप्ता, संदीप यादव, राहुल मनहरे, पूरन प्रसाद, योगेश पटेल, मिथलेश यादव, गुलझारी साहू, योगेश गेडाम का विशेष योगदान रहा।
अंतर्जिला चोर गिरोह पकड़ाया

