आधुनिकता के दौर में छत्तीसगढ़िया अंदाज बन रहा युवाओं की पसंद

प्री-वेडिंग में छाया छत्तीसगढ़ी संस्कृति का रंग

जांजगीर-चांपा: जहां एक ओर शादी से पहले की शूटिंग के लिए युवा विदेशों या बड़े हिल स्टेशनों की ओर रुख कर रहे हैं, वहीं जांजगीर के एक व्यापारी ने एक मिसाल कायम की है। किराना व्यापारी पवन सोनवानी ने अपनी बेटी श्वेता सोनवानी की शादी को पूरी तरह छत्तीसगढ़ी अंदाज में मनाने का निर्णय लेकर सभी का ध्यान आकर्षित किया है।

प्री-वेडिंग शूट से लेकर शादी के कार्ड तक, सब कुछ छत्तीसगढ़ी संस्कृति में रचा-बसा नजर आ रहा है। शादी का आमंत्रण ‘नेवता’ नाम से छपवाया गया है, जिसमें ‘मड़वा अउ चुरमाटी’, ‘हरदियाही’, ‘भांवर’ जैसे छत्तीसगढ़ी शब्दों का समावेश है। दुल्हन को ‘दुलौरिन नोनी’ और दूल्हे को ‘दुलरवा बाबू’ कहकर बुलाया गया है।

प्री-वेडिंग फोटो शूट में भी छत्तीसगढ़ी परंपरा झलकती है। खेतों के बीच दुल्हन पारंपरिक वेशभूषा, तिलरी, करधन और चूड़ियों में नजर आ रही हैं, वहीं दूल्हा लूंगी, बनियान, सिर पर गमछा और हाथ में डंडा लिए ग्रामीण चरवाहे के रूप में दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर यह छत्तीसगढ़िया अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है और वायरल हो रहा है।

पवन सोनवानी का मानना है कि आधुनिकता की दौड़ में लोग अपनी संस्कृति और पारंपरिक पहनावे को भूलते जा रहे हैं। इसी सोच के तहत उन्होंने यह पहल की है ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।

शादी से जुड़ी रस्में भी पूरी तरह छत्तीसगढ़ी रीति-रिवाज से की जा रही हैं। 18 अप्रैल को मड़वा और चुरमाटी की रस्म में घर की महिलाओं ने पारंपरिक साड़ी पहनकर हिस्सा लिया। वहीं, 20 अप्रैल को हुए शादी में बारातियों के स्वागत के लिए छत्तीसगढ़ी व्यंजन तैयार किए गए।

यह आयोजन न सिर्फ एक यादगार शादी का उदाहरण बना, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति को भी गर्व से प्रस्तुत कर रहा है।

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