विभाजन को आम मुसलमानों ने नहीं कुछ कट्टरपंथियों ने बढ़ावा दिया: मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि नया वक्फ (संशोधन) अधिनियम सामाजिक न्याय की दिशा में उनकी सरकार का एक और ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि वक्फ पर पूर्ववर्ती कानून 2013 में भू-माफियाओं और मुस्लिम कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए बनाया गया था। मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि संसद में इस मुद्दे पर हुई चर्चा में तुष्टीकरण की राजनीति देखने को मिली। तुष्टीकरण की इसी राजनीति के कारण कांग्रेस सत्ता में आई और कुछ मुस्लिम कट्टरपंथी अमीर बन गए।मोदी ने कहा, ‘लेकिन, महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आम मुसलमानों को क्या लाभ मिला? गरीब पसमांदा मुसलमानों को क्या मिला? उन्हें केवल उपेक्षा का सामना करना पड़ा। उन्हें शिक्षा नहीं मिली, उन्हें बेरोजगारी का सामना करना पड़ा और मुस्लिम महिलाओं को शाहबानो की तरह अन्याय का सामना करना पड़ा, जहां उनके संवैधानिक अधिकारों को कट्टरपंथ की वेदी पर बलि चढ़ा दिया गया।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के विभाजन के पीछे भी इसी तरह का रवैया था, जब कांग्रेस नेताओं ने अलग राष्ट्र के विचार को खत्म नहीं किया, जिसे आम मुसलमानों ने नहीं बल्कि ‘कुछ कट्टरपंथियों’ ने बढ़ावा दिया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013 में कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार द्वारा लागू किए गए वक्फ अधिनियम से यह भ्रम पैदा हुआ कि यह कानून संविधान से ऊपर है।
मोदी ने कहा, ‘2013 में वक्फ कानून में संशोधन मुस्लिम कट्टरपंथियों और भू-माफियाओं को खुश करने का प्रयास था। इस कानून ने यह भ्रम पैदा किया कि यह संविधान से ऊपर है। संविधान में निर्धारित न्याय का मार्ग वक्फ कानून द्वारा सीमित कर दिया गया।’

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