नई दिल्ली,28 मार्च। भारत के पड़ोसी देश म्यांमार से आई है। म्यांमार में भयंकर भूकंप आया है। दोपहर 12 बजे के करीब (भारतीय समयानुसार) म्यांमार में धरती भयंकर भूकंप के तेज झटके के कांप उठी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर म्यांमार में भूकंप की तीव्रता 7.2 रही। भूकंप से देश में भारी तबाही की आशंका व्यक्त की गई है। कई पुल-पलिया ध्वस्त हो गए हैं। वहीं सैकड़ों घर मलबे में तब्दील हो गया है। अधिकारियों ने संभावित नुकसानों का आकलन करने के लिए तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र मध्य म्यांमार में धरती के 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसकी तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इसके झटके बैंकॉक से दिल्ली तक महसूस किए गए। साथ ही इसके झटके पड़ोसी देश बांग्लादेश, चीन, लाओस और थाइलैंड में भी महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि लोग दहशत में आ गए और अपने घरों-दफ्तरों से बाहर निकल आए। बताया गया कि यहां अब तक भूकंप के दो झटके महसूस किएगए हैं। दोनों भूकंप की तीव्रता छह और सात के आसपास मापी गई है। भूकंप के झटके थाईलैंड तक महसूस किए गए। बैंकॉक में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.2 मापी गई। कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि म्यांमार रुक-रुककर लगातार भूकंप के झटके लग रहे हैं। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर गहराई में था।
म्यांमार के मांडले में इरावदी नदी पर बना सुप्रसिद्ध अवा ब्रिज गिर गया है। भूकंप में कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप इतना तेज था कि करीब 900 किलोमीटर दूर बैंकॉक में भी इसके झटके महसूस किए गए। बैंकॉक में इस भूकंप ने काफी तबाही मचाई। बैंकॉक में एक निमार्णाधिन बहुमंजिला इमारत जमिंदोज हो गई. इसका वीडियो सामने आया है।
म्यांमार में भूकंप से सैकड़ों घर-पुल मलबे में तब्दील

