नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पहलवान सुशील कुमार को नियमित जमानत दे दी, जो 2021 जूनियर पहलवान सागर धनखड़ हत्या मामले में कथित संलिप्तता के लिए तिहाड़ जेल में बंद थे। इससे पहले उन्हें जुलाई 2023 में घुटने की सर्जरी के लिए सात दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी। उनके वकील एडवोकेट आर एस मलिक ने कहा कि काफी देरी हो चुकी है। वह पिछले साढ़े तीन साल से जेल में हैं। सभी गवाहों से पूछताछ हो चुकी है। अभी तक उनके खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं किया गया है। कोर्ट ने इसे जमानत का एक आधार माना, इसलिए आज उन्हें जमानत दे दी गई। 31 गवाहों से पूछताछ की गई है।
एडवोकेट सुमीत शौकीन ने कहा कि आदेश की अभी घोषणा ही हुई है और हम अभी भी आदेश की हार्ड कॉपी का इंतजार कर रहे हैं। इस मामले पर आज बहस हुई और करीब डेढ़-दो घंटे तक बहस चली। कोर्ट ने मामले के सभी तथ्यों की सराहना की है। चूंकि वह लगभग साढ़े तीन साल से हिरासत में है और इतने लंबे मुकदमे के बाद भी केवल 31 गवाहों से पूछताछ की गई है। उन सभी तथ्यों पर HC ने विचार किया है और नियमित जमानत दी गई है।
पहलवान सुशील कुमार को मिली नियमित जमानत

