करवारी रोड में हुए अंधे कत्ल का पर्दाफ़ाश.

 आरोपी ओमकार मण्डावी ने दिया था हत्या करने की सुपारी

 योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को शराब पिलाकर दिया घटना को अंजाम
 पुरानी रंजीश को लेकर बनाये थे हत्या करने का प्लान
 मृतक द्वारा फर्जी केस में फंसाने की धमकी देने पर आरोपी ओमकार मण्डावी हुआ आक्रोशित और बनाया हत्या करने का प्लान

डोंगरगढ़ – ग्राम लतमर्रा से करवारी जाने वाले रोड मुख्य मार्ग पर 20 अप्रैल को ग्राम लतमर्रा में एक अज्ञात व्यक्ति की खुन से लथपथ शव मिली थी जिसे हत्त्या कर फेंक देने के कयास लगाए जा रहे थी जिसे थाना डोंगरगढ़ पुलिस ने इस अंधे कत्ल के राज से पर्दा उठाने में सफलता प्राप्त की है. पुलिस से मिले प्रेस नोट में बताया गया कि अंधे कत्ल की विवेचना दौरान अज्ञात मृतक का देवलाल मण्डावी पिता स्व0 रामहू मण्डावी उम्र- 35 साल निवासी कन्हारगांव मोहारा थाना डोंगरग के रूप में पहचान किया गया। अज्ञात आरोपी के पता तलाश दौरान घटना दिनांक को मृतक देवलाल मण्डावी को ग्राम करवारी निवासी योगेश चौरे के साथ स्कूटी में जाते देखना पता चला जिस पर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी का पता तलाश किया गया। सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्य आधार पर संदेही योगेश चौरे निवासी ग्राम करवारी, महेन्द्र नेताम निवासी ग्राम करवारी एवं ओमकार मण्डावी को हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया।

पुछताछ पर पता चला कि आज से एक साल पहले मृतक देवलाल मण्डावी आरोपी ओमकार मण्डावी जो ईटभट्ठा का ठेकेदारी का काम करता है जिससे लगभग 02 लाख 50 हजार रू0 उधार लिया था आारोपी ओमकार मण्डावी द्वारा पैसा वापस मांगने पर देवलाल मण्डावी हमेशा झगड़ा लड़ाई करते था और धमकी भी देता था. आरोपी ओमकार मण्डावी के भांजा महेन्द्र नेताम निवासी करवारी जो अपने मामा के यहाँ ग्राम कन्हारगांव में रहता है जिसके द्वारा 03 माह पूर्व ग्राम करवारी निवासी अपने दोस्त योगेश चौरे को ग्राम कन्हारगांव निवासी देवलाल मण्डावी को जान से मारना है मेरे मामा को बहुत परेशान कर रहा है करके बताया था जिस पर योगेश चौरे भी मारने के लिये तैयार हो गया। घटना के एक सप्ताह पूर्व गांव में मीटिंग हुआ था जिसमें मृतक देवलाल मण्डावी द्वारा आरोपी ओमकार मण्डावी को फर्जी केस में फंसा देने की धमकी दिया था। जिस पर आरोपी ओमकार मण्डावी एवं महेन्द्र नेताम दोनों मामा-भांजा देवलाल मण्डावी को जान से मारने के लिये योजना बनाये और 20 अप्रैल 2025 दिन रविवार को आरोपी महेन्द्र नेताम अपने दोस्त करवारी निवासी योगेश चौरे से संपर्क कर उसे अपने साथ लेकर कटली शराब भट्ठी गये और दोनों शराब पिये बाद में महेन्द्र नेताम अपने मामा को ग्राम कलकसा बुलाया जहां आरोपी ओमकार मण्डावी द्वारा देवलाल मण्डावी को आज जान से मारना है जितना खर्चा लगेगा मैं दूंगा कहा तब योगेश चौरे 5-6 लाख रूपये लगेगा कहा तो ओमकार मण्डावी तैयार हो गया। मृतक देवलाल मण्डावी के मोटर सायकल घटना के 4-5 दिन पहले एक्सीडेंट हुआ था मोटर सायकल को डोंगरगढ़ में बनवाने दिया था। जो बन गया है एवं एक्सीडेंट करने वाले व्यक्ति तुम्हे बुला रहा है कहकर बहाना बनाकर देवलाल मण्डावी को घर से लाने एवं उसे दारू पिलाने खिलाने के लिये योगेश चौरे को 5000/-रू0 देकर ग्राम कन्हारगांव भेजा दिया और ओमकार मण्डावी अपने घर चले गया। मृतक देवलाल मण्डावी को आरोपी योगेश चौरे डोंगरगढ़ लेकर आये जिसके बाद डोंगरगढ़ में योगेश चौरे व देवलाल मण्डावी शराब पिये इस दौरान मुख्य आरोपी महेन्द्र नेताम दूर छुपकर नजर रख रहा था और देवलाल मण्डावी को ज्यादा नशा हो गया था जिसे अकेले छोड़कर योगेश चौरे घर चला गया। ओरोपी महेन्द्र नेताम चुपके से देवलाल मण्डावी का पीछा कर रहा था जिसे अकेले पैदल करवारी रोड तरफ जाते देखकर आरोपी योगेश चौरे को बुलाया। दोनों मोटर सायकल में बैठकर पीछे बैठे योगेश चौरे ने सागौन के डण्डा से पैदल जा रहे देवलाल मण्डावी के चेहरे में वार कर दिया जिससे देवलाल मण्डावी नीचे जमीन में गिर गया गिरने के बाद योगेश चौरे और महेन्द्र नेताम ने सागौन के डण्डे से देवलाल मण्डावी के सिर एवं चेहरे पर मार मार कर हत्या कर मौके से फरार हो गये। सम्पूर्ण घटना के दौरान ओमकार मण्डावी आरोपी योगेश चौरे एवं महेन्द्र नेताम से लगातार मोबाईल में संपर्क में रहकर सलाह देते रहें है। देवलाल मण्डावी की हत्या आरोपी ओमकार मण्डावी के कहने पर ही आरोपी योगेश चौरे एवं महेन्द्र नेताम द्वारा किया गया है।

उक्त कार्यवाही में तत्कालीन प्रभारी उप निरीक्षक भुषण चन्द्राकर, ओ0पी0 मोहारा प्रभारी निरीक्षक ढाल सिंह साहू एवं आरक्षक प्रंयास सिंह, वीर बहादुर, ऋषिदास, मनीष सोनकर एवं सायबर सेल राजनांदगांव से सउनि द्वारिका आरक्षक परिवेश वर्मा, आदित्य सिंह का विशेष योगदान रहा है।

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