‘ऑपरेशन सिंदूर’ 2.0 का भी प्लान? पीएम मोदी से मिलने पहुंचे NSA अजीत डोभाल

नई दिल्ली। पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच पीएम मोदी ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी पहुंचे। बुधवार को भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर दी थी। बैठक शुरू होने से ठीक पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। माना जा रहा है कि मोदी सरकार आतंकवाद पर बड़ा हमला करने वाली है।
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया कि मोदी सरकार और सेना फिर से एयरस्ट्राइक करने का प्लान बना रहे हैं। दरअसल इस एयरस्ट्राइक में आतंकियों के 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया था। वहीं अन्य ठिकानों पर भी भारतीय सेना हमला कर सकती है। कश्मीर में आतंकियों के पैर उखाड़ने के लिए पाकिस्तान की तरफ सीमा के आसपास आतंकियों को ठिकानों को तबाह करना जरूरी है।
सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, एस जयशंकर, जे पी नड्डा और निर्मला सीतारमण ने बैठक में सरकार का प्रतिनिधित्व किया। जबकि कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय और द्रमुक के टी आर बालू बैठक में शामिल प्रमुख विपक्षी नेता हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इसमें शामिल अन्य विपक्षी नेताओं में समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत, राकांपा (एसपी) की सुप्रिया सुले, बीजद के सस्मित पात्रा और माकपा के जॉन ब्रिटास शामिल हैं। इनके अलावा जद (यू) नेता संजय झा, केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) नेता चिराग पासवान तथा एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी बैठक का हिस्सा थे।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी दलों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानकारी देना चाहती है। पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिशोध में, भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ये सैन्य हमले किए गए। इससे पहले सरकार ने पहलगाम हमले के बारे में सभी दलों के नेताओं को जानकारी देने के लिए 24 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।

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