आतंकी को छिपाने के लिए झूठ बोला पाक सेना

करांची। पाकिस्तान हमेशा ही आतंकियों को छिपाने की कोशिश करता रहा है। पाकिस्तान आज की तारीख में आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है। हालांकि उसका सच अकसर सामने आ जाता है। भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक बार फिर सामने आया है कि कैसे मारे गए आतंकियों को जनाजे में पाकिस्तानी सेना के अफसर भी आंसू बहाने पहुंचे हैं। वहीं आतंकियों की लाश पर फातिहा पढ़ने वाला शख्स भी कोई और नहीं बल्कि आतंकी हाफिज अब्दुर रऊफ है। अमेरिका ने भी रऊफ को आतंकियों की लिस्ट में शामिल किया गया है।

सोशल मीडिया पर जब पाकिस्तान में आतंकियों के जनाजे की तस्वीर वायरल होने लगी तो पाकिस्तान के DG ISPR ने इसपर सफाई पेश की। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि जिसे आतंकी बताया जा रहा है वह एक आम मौलवी है। वह पारिवारिक इंसान है। डीजी आईएसपीआर ने उसका नेशनल आईडी कार्ड भी दिखाया। इसी आईडी कार्ड से बाद में पाकिस्तानी सेना की पोल खुल गई और सच सामने आ गया।

@OnTheNewsBeat ने एक्स पर दावा किया कि पाकिस्तान की सेना जिस मौलाना को आम आदमी और सामान्य मौलवी बता रही थी उसके आईडी कार्ड की डीटेल OFAC के तहत वैश्विक आतंकी घोषित किए गए हाफिज अब्दुर रऊफ की डीटेल से हूबहू मिलती है। पाकिस्तान के डीजी आईएसपीआर ने जो आई कार्ड शेयर किया था उसमें नाम, जन्म की तारीख और नेशनल आईडी नंबर वही था जो कि आतंकी हाफिज अब्दुर रऊफ का है।

पाकिस्तानी सेना ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी भारत के दावे को सही मान रहा है। डीजी आईएसपीआर ने कहा कि दावा किया जा रहा है कि यह शख्स आतंकी का भाई है। उन्होंने कहा कि दावा किया गया कि वह मौलाना मसूद अजहर का भाई है। भारत की मीडिया यह भी दावा कर रही थी कि उसकी मौत हो गई है। अब एक ही समय में एक शख्स जिंदा और मरा हुआ कैसे हो सकता है। इसलिए हमने उसकी डीटेल निकाली। इसके बाद वह रऊफ का आईडी कार्ड स्क्रीन पर दिखाते हैं। इसी से पाकिस्तानी सेना की पोल खुल जाती है।

एक्स पर की गई पोस्ट में दावा किया गया है कि अब्दर रऊफ की डीटेल उस आईडी कार्ड से मिलती है जिसे पाकिस्तनी सेना ने दिखाया था। पाकिस्तानी सेना उसे मासूम बता रही थी। लेकिन अमेरिका ने भी उस शख्स को आतंकवादी घोषित कर रखा है।

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