अयोध्या में रामनवमी की धूम; रामलला का सुबह नौ बजे अभिषेक,

रामनवमी पर अयोध्या धाम में उत्सव सा नजारा है। रामलला की जन्मभूमि पर रामनवमी की विशेष तैयारियां की गई हैं। दोपहर ठीक 12 बजे रामलला का जन्म होगा और इस दौरान चार मिनट तक रामलला के मष्तक पर सूर्य की किरणों से अभिषेक किया जाएगा। धनिया मेवा पंजीरी का विशेष प्रसाद भक्तों में वितरित होगा। देर रात भक्तों की मौजूदगी तक रामलला के दर्शन होंगे। रामनवमी पर सुबह तय समय साढ़े चार बजे मंगला आरती होगी। साढ़े छह बजे से दर्शन शुरू होंगे। रामनवमी के लिए वीआईपी पास नहीं बनाए गए है। सुबह साढ़े नौ बजे सबसे पहले रामलला का अभिषेक किया जाएगा।
शहद, दुग्ध, घी, सरयू जल, गंध से अभिषेक होगा। इस दौरान भी दर्शन पूजन चलता रहेगा। एक घंटे के इस विशेष अभिषेक के बाद पांच मिनट के लिए पर्दा गिरेगा। इसके बाद प्रभु का विशेष शृंगार किया जाएगा। एक घंटे तक रामलला का शृंगार किया जाएगा। पौने 12 बजे पट बंद किए जाएंगे। रामलला को 56 भोग लगाया जाएगा।
रामनवमी पर अयोध्या धाम में उत्सव सा नजारा है। पांच हजार से अधिक मंदिरों में रामनवमी की धूम है। रामलला की जन्मभूमि पर रामनवमी की विशेष तैयारियां की गई हैं। दोपहर ठीक 12 बजे रामलला का जन्म होगा और इस दौरान चार मिनट तक रामलला के मष्तक पर सूर्य की किरणों से अभिषेक किया जाएगा। धनिया मेवा पंजीरी का विशेष प्रसाद भक्तों में वितरित होगा। देर रात भक्तों की मौजूदगी तक रामलला के दर्शन होंगे। रामनवमी पर सुबह तय समय साढ़े चार बजे मंगल आरती होगी। साढ़े छह बजे से दर्शन शुरू होंगे। रामनवमी के लिए वीआईपी पास नहीं बनाए गए है। सुबह साढ़े नौ बजे सबसे पहले रामलला का अभिषेक किया जाएगा।
शहद, दुग्ध, घी, सरयू जल, गंध से अभिषेक होगा। इस दौरान भी दर्शन पूजन चलता रहेगा। एक घंटे के इस विशेष अभिषेक के बाद पांच मिनट के लिए पर्दा गिरेगा। इसके बाद प्रभु का विशेष शृंगार किया जाएगा। एक घंटे तक रामलला का शृंगार किया जाएगा। पौने 12 बजे पट बंद किए जाएंगे। रामलला को 56 भोग लगाया जाएगा।|#+|

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