रायपुर.छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों ने आज अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नियमितीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, न्यून मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालिक बनाने तथा आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर किया गया।

राजधानी रायपुर के तुता क्षेत्र में आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश के 52 अनियमित कर्मचारी संघों के 10 हजार से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर रहे थे, जिन्हें पुलिस द्वारा रेलवे लाइन के पास रोक दिया गया।
आक्रोशित कर्मचारी बोले – सरकार कर रही है वादा खिलाफी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने से पहले अनियमित कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेने का वादा किया था। “मोदी की गारंटी 2023” पत्र में भी “वचनबद्ध सुशासन” के अंतर्गत कर्मचारियों के लिए कमेटी गठन की बात कही गई थी, जिसमें अनियमित कर्मचारियों को सम्मिलित करने का वादा किया गया था। लेकिन अब तक जो कमेटी गठित की गई है उसमें अनियमित संघों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
सरकार की अनदेखी से बढ़ा रोष
प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू ने बताया कि सरकार की अनदेखी से कर्मचारी आहत एवं आक्रोशित हैं। पिछले 1.5 वर्षों में अनियमित कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अनेक विभागों में वेतन लंबित है, संविदा वेतन नहीं मिल रहा है, न्यूनतम वेतन में पिछले 8 वर्षों से कोई वृद्धि नहीं हुई है, और कई विभागों में श्रम सम्मान राशि भी नहीं दी जा रही है।
जुलाई से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
संघों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कोई सार्थक पहल नहीं की, तो जुलाई माह से प्रदेश भर में अनिश्चितकालीन आंदोलन छेड़ा जाएगा।

